सरकार से दो रुपये प्रति किलो चावल योजना का लाभ ले रहे हैं एक करोड़ अवैध मुस्लिम - घोष

एक तरफ बीजेपी सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर फैले भ्रम को दूर करने की  पूरजोर कोशिश में लगी हुई है । तो वही दूसरी तरफ बीजेपी के ही नेता अपने विवादित बयानों से ओर घमासान मचाने की कोशिश  में जुटे हुए है। बता दे एक फिर पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का सीएए के समर्थन में एक बड़ा बयान समाने आया है। 





दिलीप घोष ने कहा ‘50 लाख मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान करके सबसे पहले उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। फिर दीदी किसी का तुष्टीकरण नहीं कर पाएंगी। एक बार ये हो जाने के बाद दीदी के वोट कम हो जाएंगे और आने वाले चुनावों में हमें 200 सीटें मिलेंगी, उन्हें 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी।’  उनका मानना है कि ममता बनर्जी मुस्लिमो के पक्ष लेकर अपने लिए वोट बैंक को इकठ्ठा करने में लगी हुई है , साथ ही मुस्लिमो भड़काकर अपनी राजनीति को चमकाना चाहती है ।





इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों हुए विवाद को लेकर भी सरहाना कहते हुए कहा कि ‘जेएनयू जाइए, सबके खिलाफ केस दर्ज हुआ। जामिया मिलिया में सबके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। किसी को नहीं छोड़ा। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कार्रवाई हुई। पुलिस है, सरकार है, लेकिन ममता बनर्जी के राज में कोई सरकार नहीं है।' उन्होंने इन विवादों को सही करार दिया है ।





जानकारी के मुताबिक घोष  ने यह बयान नॉर्थ परगना जिले में सीएए के समर्थन में हुई एक सभा में दिया था इसके ज़रिये घोष ने सरकार पर विश्वास बनाये रखने के लिए कहा है साथ ही सीएए को समर्थन देने लिए नहीं अपील की। इस सभा के दौरान उन्होंने एक इस बड़ी बात कह दी जिससे राजनीति में घमासान मच गया । घोष ने कहा कि 'हमने कहा था कि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को गोली क्यों नहीं मारते, इस पर हाहाकार मच गया जैसे बाप की संपत्ति हो।





हमारी चीजों को जलाओगे और गोली नहीं मारेंगे?' वही उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जो लोग संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं, वह बंगाल विरोधी हैं और भारत के विचार के खिलाफ हैं। राज्य में एक करोड़ अवैध मुस्लिम सरकार से दो रुपये प्रति किलो चावल योजना का लाभ ले रहे हैं।





हम लोग उन्हें वापस भेजेंगे।’ इसके साथ  ममता सरकार और अन्य सरकार को लेकर झड़पते हुए कहा कि ‘‘लुंगी पहने रोहिंग्याओं’’ ने तीन दिन तक रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक संपतियां को आग लगायी, तो उन्होंने कुछ नहीं बोला। सीएए को लेकर जमकर नारेबाजी चल रही है आज तक सीएए के कारण देश में हो रहे बवाल को अभी तक सरकार शांत नहीं करवा पायी है। इस तरह की बयानबाजी से बीजेपी के लोग महज अपनी राजनीति को चमकाने की कोशिश में जुटे हुए है।


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