यह जरूरी नहीं की हर बार जीत ही मिले, कभी दूसरे नंबर पर रहना भी अच्छा - रितेश

Ritesh Dehmukh बॉलीवुड इंडस्ट्री में रितेश देहमुख अपने कॉमिडी किरदारों से मशहूर हो चुके हैं। लेकिन अब कुछ समय से नेगेटिव रोल करने में लगे हुए जिसको दर्शकों ने काफी पसंद किया। अपने नेगेटिव रोल के बारे में रितेश देशमुख ने पटकथा लेखक जावेद अख्तर की जन्मदिन पार्टी के दौरान कहा कि ' हम सभी कुछ चीजों के प्रति नकारात्मक महसूस करते हैं।' बता दे कि रितेश देशमुख में 2014 में 'विलेन' और अब 'मरजावां ' फिल्म में उनके नकारात्मक रोल को बखूबी पसंद किया गया।









उनका माना है 'जीवन सकारात्मकता और अच्छा होने के बारे में है। मुझे लगता है कि कुछ बिंदु पर, हम कुछ चीजों के प्रति नकारात्मक महसूस करते हैं। हम किसी चीज़ से नफरत कर सकते हैं, हम किसी को नापसंद कर सकते हैं। हम किसी को मुक्का मारकर ऐसा महसूस कर सकते हैं कि 'मैं उसका चेहरा फिर कभी नहीं देखना चाहता।' Ritesh Dehmukh:'यह जरूरी नहीं की हर बार जीत ही मिले, कभी कभी हार कर दूसरे नंबर पर रहना भी अच्छा हो सकता'- रितेश





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जब उन्होंने मरजवां मूवी में विष्णु का किरदार निभाया था तो उसे भी दर्शकों ने खासा पसंद किया| मर जवां मूवी को लेकर उन्होंने कहा कि 'मरजांवा में रितेश देशमुख ने विष्णु का किरदार निभाया था। फिल्म में अपने किरदार को लेकर रितेश कहते हैं कि फिल्म में इनका किरदार 3 फीट लंबा है, लेकिन वह किरदार उनके जीवन से लंबा है। वो कहते हैं कि वह किरदार बुरा और मतलबी है। रितेश बताते हैं कि विष्णु के पास समझदारी और बुरा भाव दोनों है। जो दूसरे लोगों को निचा समझता है।' उनका मानना है कि कभी कभी जीवन में हारना भी अच्छा होता है और दूसरा यदि आप कभी दूसरे नम्बर आना भी अच्छा होता है। आज वो मंच पर अपने बच्चों के लिए एक उदाहरण बन रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अब उनकी 'बाघी 3' आने वाली है जिसमे वो नेगेटिव रोल में नज़र आएंगे। Ritesh Dehmukh:'यह जरूरी नहीं की हर बार जीत ही मिले, कभी कभी हार कर दूसरे नंबर पर रहना भी अच्छा हो सकता'- रितेश


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