बत्रा अस्पताल की नर्सों को मिला इंसाफ, साकेत कोर्ट ने अस्पताल प्रबंधन को दिया आदेश

Batra Hospital 2018 में बत्रा अस्पताल में नर्सों द्वारा एक हड़ताल की गयी गई थी जिस पर साकेत कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 21 फरवरी 2020 को बत्रा प्रबंधन द्वारा पेनेल्टी के तोर पर यूएनए की कानूनी फर्म एडवोकेट जोस अब्राहम एसोसिएट के एडवोकेट ब्लेसन और यूनाइटेड नर्सेस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रिन्स जोसेफ को तक़रीबन 18000 हज़ार रुपए का चेक देने का निर्देश दिया। दरअसल कुछ समय पहले यानि नवंबर 2018 में बत्रा अस्पताल की नर्सों ने अपनी कुछ मूल मांगो को लेकर 11 दिन की हड़ताल की थी जिसमे उन नर्सों का नेतृत्व संयुक्त नर्स संघ ने किया था।









जिस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने भी नर्सों के खिलाफ कोर्ट में मामला दायर किया जिसमे कहा गया कि नर्सों द्वारा की गयी हड़ताल अवैध है हांलाकि इस मामले का निपटारा कोर्ट ने 11 अप्रैल 2019 को कर लिया था। कोर्ट के इस फैसले से अस्पताल प्रबंधन काफी नाखुश था जिस कारण फिर से बत्रा अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को बहाल करने के लिए कोर्ट में एक आवेदन दायर किया। Batra Hospital:बत्रा अस्पताल की नर्सों को मिला इंसाफ, साकेत कोर्ट ने अस्पताल प्रबंधन को नर्सों को उनका मेहनताना देना का दिया आदेश





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लेकिन उनकी इस याचिका को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया जिसके अब कोर्ट के आदेशानुसार 21 फरवरी 2020 को प्लंटी के तौर पर अस्पताल प्रबधन ने अब यूएनए की कानूनी फर्म एडवोकेट जोस अब्राहम एसोसिएट के एडवोकेट ब्लेसन और यूनाइटेड नर्सेस एसोसिएशंस के अध्यक्ष श्री रिन्स जोसेफ को 18000 रुपये का चेक दिया| इसके साथ ही नर्सों की सभी मांगो को मानने के लिए भी कोर्ट ने कहा। वहीं इस मामले को लेकर यूएनए के महासचिव जोल्डिन फ्रांसिस ने ख़ुशी जताते हुए कहा कि कोर्ट का ये निर्णय बत्रा अस्पताल प्रबंधन द्वारा नर्सों पर लगाये गए अवैध आरोपों पर जीत है। हमारी ये जीत उन लोगो का मुँह तोड़ जवाब है जिन्होंने नर्सों पर बेबुनियाद आरोप लगाये थे। Batra Hospital:बत्रा अस्पताल की नर्सों को मिला इंसाफ, साकेत कोर्ट ने अस्पताल प्रबंधन को नर्सों को उनका मेहनताना देना का दिया आदेश


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