Middle class crisis in India | कैसे होगी लोगों की भरपाई

Middle class crisis in India: पुरे देश में इस वक़्त कोरोना का कहर हैं, सरकार ने लॉक डाउन के माध्यम से पूरा देश बंद किया हुआ हैं। देश के ज्यादातर लोग इस लॉक डाउन का गंभीरता से पालन कर रहे हैं, और करना भी चाहिए।





देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की बात पूरा भारत सुनता हैं और अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी करता हैं। वैसे तो यह लॉक डाउन 21 दिनों के लिए ही लगाया गया हैं. परन्तु इसका प्रकोप आगे आने वाले दिनों में भी देखने को मिलेगा।





इस प्रकोप से जो हानी पुरे देश में होगी वह तो होगी ही, अपितु देश का मध्यम वर्गीय तबका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. जब भी कोई सरकारी बदलाव या आपदा देश पर हावी होती हैं, तो ऐसा ही नुकसान मध्यम वर्गीय तबके को होता रहा हैं।





middle class crisis in India




सबसे आश्चर्य जनक बात यह हैं की किसी भी सरकार ने इस तबके (माध्यम वर्गीय) के लिए कुछ नहीं किया हैं. सरकारी मदद सिर्फ उन ख़ास लोगो को ही दी जाती हैं जो या तो गरीब लोग हैं या बहुत बड़े घरानों (इंडस्ट्रियलिस्ट) से सम्बन्ध रखते हैं।





ज्यादातर सरकारी योजनाये इन्हीं लोगों के लिए ही चलाई जाती हैं। कोई भी सरकार यह सोचना ही नहीं चाहती की मध्यम वर्गीय तबका ही असल में इतनी बड़ी इंडस्ट्रीज को चला रहा हैं।





ज्यादातर मज़दूर इन्ही तबको के लिए काम करते हैं. बिना इस स्पोर्ट के कोई सरकार गरीब लोगो को काम नहीं दे सकती। पर यह मध्यम वर्गीय तबका ऐसा हैं की कभी भी, किसी भी आपदा में सरकार से अपनी जरूरतें या मजबूरियां बयाँ ही नहीं करता।





Middle class crisis in India- लॉक डाउन की वजह से सरकार ने कहा की किसी भी मजदूर की तनख्वाह न काटी जाये, साथ ही साथ इतना भी कहा गया हैं की जो मकान मालिक हैं वह किराये के लिए इन मजदूरों को परेशांन न करे. और अगले 2-3 महीनों तक किरायेदार से किराया न माँगा जाये।





middle class crisis in India




वही पर सरकार इन मजदूरों को आनेवाले 3 महीनों के राशन के साथ घर चलाने के लिए कुछ आर्थिक मदद भी उपलब्ध करवाएगी। चलिये बहुत अच्छी बात हैं, सरकार गरीब लोगो के लिए खाना और जरुरी चीज़े उपलब्ध करवा रही हैं.





जिससे उन्हें अपना जीवन यापन करने में परेशानी नहीं होगी.परन्तु उस मकान मालिक का क्या जिसका परिवार चलता हैं इस किराये की आमदनी से, उस फैक्ट्री वाले का, उस दूकानदार, उस कम्पनी चलाने वाले का क्या जिसने अपनी बिजली,पानी का बिल, काम करने वालो की तन्खाव्ह, अपने बच्चों की स्कूल फीस, दवाइयाँ हर महीने देनी होती हैं.





और तो और स्कूल में नया सेशन शुरू हो रहा हैं, एडमिशन शुल्क , एडिशनल शुल्क , नयी किताबें , नयी ड्रेस और न जाने क्या क्या खर्च इस अप्रैल के शुरू में ही जमा कराने होते हैं.





middle class crisis in India




कैसे कोई सरकार इस तबके को भूल सकती हैं, जबकि कई लाख रुपए टैक्स ये लोग हर साल सरकार को जमा करते हैं , क्या सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं हैं मध्यम वर्गीय समाज के लिए?





क्या हमें भी यह समझना चाहिए की एक आंदोलन की शुरुआत करने की जरुरत हैं. जहाँ सरकार को ये चेताया जाये की हम भी भारतीय हैं, हमें भी इंसानियत भरी निगाहों से देखा जाये। हमारा भी परिवार हैं , हमारी भी उतनी ही भागीदारी हैं इस देश को भारत बनाने में जितनी की दूसरों की।





इस लॉक डाउन में काफी लोगो से बात हुई, देखा जाये तो सभी लोग समर्द्ध हैं अगर ऐसा लॉक डाउन 3 महीने भी रह जाये तो उनके जीवन यापन में कोई कठिनाई नहीं आएगी।





परन्तु अगर उनके मनः स्तिथि को समझा जाये तो वह सभी लोग बहुत परेशान हैं क्यूंकि ये 21 दिन सिर्फ खर्च होना हैं आना कुछ भी नहीं। कोई कितना भी बड़ा खजाना हो अगर उसमे आवत न हो तो वह खाली होने में समय नहीं लगाता।





middle class crisis in India




ये 21 दिन का लॉक डाउन आने वाले 6 महीनों तक परेशान करेगा , क्यूंकि मार्किट में रॉ मटेरियल नहीं होगा, काम करने वाली लेबर जल्दी से वापिस नहीं आएगी , उधार दिया हुआ पैसा और विलम्भ से आएगा। कुल मिलाकर आने वाले 6 महीने सिर्फ खर्च ही होगा इनकम ना बराबर ही होगी.





क्या इसबार भी सरकार मध्यम वर्गीय समाज के लिए कुछ नहीं करेगी, अगर ऐसा हुआ तो वाकई कोई फ़र्क़ नहीं होगा इस मोदी सरकार और बाकी सरकारों में।





मध्यम वर्गीय तबका कभी किसी खैरात की चाह नहीं रखता , इनकी तो बस इतनी सी माँग हैं की हमें भी कुछ ऐसी सुविधा मिले जिससे इन्हे ऐसी परिस्थियों में कुछ भी बोझ न लगे और आने वाले समय में ये लोग अच्छे से अपना जीवन यापन बिना किसी तनाव के करें और सरकार की नीतियों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर सहयोग कर सकें।





middle class crisis in India




अगर बड़े बड़े बुद्धि जीवी मध्यम वर्गीय समाज की तरफ ध्यान तो हमें चीन से कुछ भी आयात करने की जरुरत ही न पड़े। कोई भी ऐसा सामान नहीं हैं जो हमारे भारत में नहीं बनाया जा सकता।





Middle class crisis in India - जरुरत हैं सिर्फ सरकारी तंत्र को दुरुस्त करने की और इन मध्यम वर्गीय लोगों के साथ मिलकर एक ऐसा उध्योग नगर स्थापित करने की जिससे हमें जरुरी सामान के लिए कभी भी किसी और देश पर आश्रित न होना पड़े। यह ज्यादा मुश्किल नहीं हैं बस सरकार को अपनी भागीदारी इस ओर भी निभानी पड़ेगी।





कृपया अपनी राय जरूर साझा करें और निचे कमेंट में हमें लिखे की कैसे और क्या क्या बदलाव करके सरकार मध्यम वर्गीय तबके को सहयोग कर सकती हैं।


Post a Comment

और नया पुराने