राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिवस दीये जलाकर धूम-धाम से मनाया

 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिवस दीये जलाकर धूम-धाम से मनाया।

दिनांक 2 अक्टूबर 2020, शुक्रवार। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) द्वारा गाँधी पार्क लोहिया नगर में 2 अक्टूबर की संध्या में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस दीये जलाकर बड़ी धूम-धाम से मनाया गया।


सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) के सदस्यों ने गाँधी पार्क पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की प्रतिमा स्थल पर एकत्रित होकर मार्ल्यापण किया व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की फोटो पर मार्ल्यापण कर प्रतिमा स्थल को दीयों से प्रकाशमय किया।

इस अवसर पर सुभास पार्टी के संस्थापक सतेन्द्र यादव ने कहा महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई में सम्पूर्ण भारतवासियों को एक साथ खड़ा कर दिया। भारत का हर बच्चा, नौजवान, बुजुर्ग, महिला, पुरूष अंग्रेजों को भारत से भगाने के लिए भारत माता की सेवा में अपने आपको समर्पित कर दिया।

गांधी जी के सिद्धान्त ही भारत को आत्मनिर्भर बना सकते है। जिस प्रकार चरखे से घर-घर में सूत कात कर स्वदेशी के रूप में भारत को गाँधी जी ने आत्मनिर्भर बनाया था। उन्होंने कहा मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाने से बेहतर है दीये का प्रकाश कर प्रभु का स्मरण कर जन्मदिन मनाया जाये।

इस अवसर पर सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) के साहिबाबाद विधानसभा प्रभारी सुजीत तिवारी ने कहा हमें महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपना जीवन देश सेवा के लिए अर्पित करना चाहिए।

उन्होंने बताया महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था।

इस अवसर पर सुभास पार्टी के मुरादनगर विधानसभा प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ‘‘होदिया’’ ने कहा महात्मा गाँधी ने पूरे विश्व को आहिंसा नाम ऐसी शक्ति उपलब्ध करायी जिसका प्रयोग कोई भी कमजोर व्यक्ति नहीं कर सकता। आहिंसा का प्रयोग वास्तव में शाक्तिशाली ही कर सकता है।

कमजोर व्यक्ति तो अपने डर के कारण बातें बनायेगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की, कि अगर देश को सही दिशा में आगे बढ़ाना है तो हम सभी को गाँधी जी का गहनता के साथ अध्ययन करना होगा।

शास्त्री जी ने कहा ’मरो नहीं, मारो’ व ‘जय जवान-जय किसान’ जो आज भी काफी प्रसिद्ध है। शास्त्री जी गांधीवादी थे उन्होंने असहयोग आन्दोलन, दांडी मार्च व भारत छोड़ो आन्दोलनों में भाग लिया।

असहयोग आन्दोलन के बाद शास्त्री जी 7 साल जेल में भी रहे। 1961 में गृहमंत्री के प्रभावशाली पद पर नियुक्ति हुई। जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के पश्चात 1964 में वह भारत के प्रधानमंत्री बने। उनकी सादगी, देशभक्ति व ईमानदारी के लिए आज भी याद किया जाता है।


इस अवसर पर सुनील दत्त, सुजीत तिवारी, किशन गर्ग, संदीप कुमार, अनिल सिन्हा (बिहार प्रदेश प्रभारी), अभय कुमार (जिला उपाध्यक्ष सिवान), गोपाल सिंह, विनोद अकेला, संजय पासवान, अनिल मिश्रा, एन. पी. दीक्षित, दिलीप पाण्डे,

अभिनन्दन तिवारी, राजेश यादव, राजेश श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, उमेश चन्द्र दीक्षित, मनोज कुमार राय, सचिन, मृतुन्जय, राजेन्द्र यादव, विरेन्द्र गुप्ता, अमित (बोबी), सुभाष कुमार, विकास कुमार, सन्नी, सुनील यादव, राजेन्द्र गौतम, सियाराम यादव, रमेश श्रीवास्तव आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।

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